मंदिर में पुजारी का आशियाना, किराये पर मकान और परिसर में चल रहा था इलाज… जांच में खुलीं कई परतें

धर्म ब्रेकिंग न्यूज़

Loading

पूछताछ करते एसडीएम
Maharajganj khabar live
निचलौल। रामजानकी मंदिर की जमीन पर कब्जे और मंदिर के सामने निर्माणाधीन दुकान को लेकर शनिवार को संपूर्ण समाधन दिवस में शिकायत की गई थी। वही मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम अवनीश त्रिपाठी और तहसीलदार अमित कुमार सिंह हल्का लेखपाल के साथ नगर पंचायत के कोर्ट वार्ड स्थित रामजानकी मंदिर पहुंच गए।
जांच के दौरान एक के बाद एक कई मामले सामने देखने को मिले। मंदिर परिसर में जहां साफ-सफाई व्यवस्था बदहाल मिली, वहीं मुख्य भवन के अंदर पुजारी का आशियाना बना था। मंदिर के उत्तरी हिस्से का मकान किराये पर दिया गया था और दक्षिण तरफ वर्षों से टिनशेड डालकर कब्जा किए जाने की बात सामने आई। इससे भी आगे मंदिर परिसर में बने भवन में एक कथित झोलाछाप डॉक्टर चर्म रोग से संबंधित मरीजों का इलाज करता मिला। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित लोगों को तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता मंदिर के पुजारी समेत कुछ लोगों ने नगर पंचायत पर मंदिर की जमीन पर कब्जा करने और मंदिर के सामने दुकान का निर्माण कराने का आरोप लगाया था। जांच के दौरान अधिकारियों ने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया तो साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। मंदिर के मुख्य भवन के अंदर ही पुजारी के रहने की व्यवस्था मिली। एसडीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए पुजारी को एक सप्ताह के भीतर मुख्य भवन से अपना आशियाना हटाने के निर्देश दिए। पूछताछ में यह भी सामने आया कि मंदिर के मुख्य गेट के उत्तरी तरफ बने मकान को पुजारी की ओर से किराये पर दिया गया था। एसडीएम ने पुजारी को मुख्य भवन खाली कर इसी मकान में रहने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मंदिर के दक्षिण तरफ एक व्यक्ति की ओर से वर्षों से टिनशेड डालकर कब्जा किए जाने का मामला भी सामने आया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से मंदिर की भूमि और उससे जुड़े कब्जों के बारे में जानकारी ली और संबंधित बिंदुओं को जांच में शामिल किया।
मंदिर परिसर में मरीजों का इलाज करते मिला कथित झोलाछाप डॉक्टर
जांच के दौरान अधिकारियों की नजर मंदिर परिसर में बने भवन पर पड़ी। यहां एक व्यक्ति चर्म रोग से संबंधित मरीजों का इलाज करता मिला। पूछताछ में उसके चिकित्सकीय कार्य से संबंधित जानकारी ली गई। एसडीएम ने उक्त कथित झोलाछाप डॉक्टर को जल्द मंदिर परिसर से बाहर जाने के निर्देश दिए। इस दौरान तहसीलदार अमित कुमार सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि सुनील मद्धेशिया उर्फ मुन्ना, जयसिंह यादव, अवधेश सिंह, दिलीप सिंह, शमशाद आलम समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
जीर्णोद्धार के लिए जल्द बनेगा ट्रस्ट
एसडीएम ने मंदिर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने और जीर्णोद्धार के लिए जल्द ट्रस्ट गठित करने के निर्देश नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि को दिए। उन्होंने मंदिर की भूमि, परिसर की व्यवस्था और निर्माण कार्य से जुड़े मामलों को व्यवस्थित करने पर जोर दिया। वहीं नगर पंचायत की ओर से कराए जा रहे निर्माणाधीन कार्य को बेहतर तरीके से संचालित कर मानक के अनुरूप पूरा कराने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मंदिर परिसर से जुड़े मामलों में व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी और मौके पर सामने आए बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।