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Maharajganj khabar live
महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा से सटे निचलौल ब्लॉक के रेंगहिया गांव में इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण को लेकर की गई जांच में निर्माण कार्य से जुड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं। शिकायत के बाद ब्लॉक तकनीकी सहायक राजेश सिंह और सहायक विकास अधिकारी कृषि जगत नारायण प्रजापति की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की जांच की। जांच रिपोर्ट में करीब 300 मीटर इंटरलॉकिंग सड़क के नीचे बीसीसी कार्य नहीं कराए जाने की बात सामने आई है। हालांकि अब जांच टीम ही जिम्मेदारों के करतूत पर पर्दा डालने में जुटी हुई है।
जांच टीम की ओर से खंड विकास अधिकारी को सौंपे गए पत्र में बताया गया है कि गांव में मेन रोड से अमेरिका के घर तक करीब 152 मीटर और अमेरिका के घर से गमहा के घर तक 153.10 मीटर इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया है। जांच टीम में पाया कि यह मार्ग पहले से बना हुआ था और काफी खराब हो चुका था, जिसके कारण इसका पुनर्निर्माण कराया जाना आवश्यक था। रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि इंटरलॉकिंग सड़क के नीचे बीसीसी कार्य आवश्यकता न होने के कारण नहीं कराया गया। इसका मापन भी तकनीकी सहायक की ओर से नहीं किया गया और न ही इसके लिए किसी प्रकार का सभी भुगतान किया गया। वहीं, जांच में इंटरलॉकिंग ईंट की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई।
हैरान करने की बात यह है कि निर्माण कार्य की जांच में बीसीसी नहीं कराए जाने की पुष्टि के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए है। ऐसे में मामले को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ता की ओर से निर्माण में अनियमितता का आरोप लगाए जाने के बाद हुई जांच में सामने आए तथ्यों को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी चर्चा में है। हालांकि, जांच रिपोर्ट में किसी अधिकारी या कर्मचारी को सीधे तौर पर दोषी ठहराए जाने की बात सामने नहीं आई है। ब्लॉक तकनीकी सहायक राजेश सिंह ने बताया कि संबंधित इंटरलॉकिंग कार्य पूर्व में बनी सड़क पर कराया गया है। जांच में इंटरलॉकिंग ईट के नीचे बीसीसी न मिलने पर उसका मापन नही किया गया है। अभी इस निर्माण सड़क का भुगतान भी नही हुआ है। मामले में निर्माण सड़क की लागत सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपनी पल्ला झाड़ते हुए चुप्पी साध ली। ऐसे में जांच टीम पर भी लोग कई तरह की गंभीर सवाल खड़ा कर रहे है।
वही मामले में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि किसी स्तर पर अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


