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Maharajganj khabar live
निचलौल। ब्लॉक क्षेत्र के गांव कैमा में सरकारी सस्ते गल्ले (कोटे) की दुकान जांच के दौरान खाद्यान्न के स्टॉक में बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आई है। अभिलेखों में दर्ज 31.498 क्विंटल गेहूं, 108.70 क्विंटल चावल और 1.83 क्विंटल चीनी का भौतिक सत्यापन के दौरान दुकान पर कोई स्टॉक नहीं मिला। इस मामले में पुलिस आपूर्ति निरीक्षक के तहरीर पर शनिवार को आरोपी दुकानदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पूर्ति निरीक्षक इंद्रभान पटेल ने बताया है कि
गांव कैमा निवासी रामदवन सहित कई राशन कार्डधारकों ने उचित दर विक्रेता पर खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी और अनियमितता की शिकायत की थी। शिकायत के बाद दुकान पर पहुंचकर जांच की गई। जांच के दौरान उचित दर विक्रेता परशुराम दुकान पर मौजूद मिले।
जांच में अभिलेखों के अनुसार जुलाई, अगस्त और सितंबर 2026 के स्टॉक का मिलान किया गया। इसमें अंत्योदय और पात्र गृहस्थी योजना के तहत कुल 31.498 क्विंटल गेहूं और 108.70 क्विंटल चावल का स्टॉक होना दर्शाया गया था। इसके अलावा जुलाई से सितंबर के बीच अंत्योदय योजना के तहत 1.83 क्विंटल चीनी का उठान भी अभिलेखों में दर्ज मिला। लेकिन
जब दुकान पर खाद्यान्न का भौतिक सत्यापन किया गया तो गेहूं, चावल और चीनी तीनों का स्टॉक शून्य मिला। विक्रेता ने पूछताछ में बताया कि उसके द्वारा खाद्यान्न या चीनी कहीं और नहीं रखा गया है। इतना ही दुकानदार की ओर से अक्टूबर का राशन भी उठान किया चुका है। इन्होंने आगे कहा है कि जांच में यह भी सामने आया कि अक्टूबर 2026 के वितरण के लिए विक्रेता द्वारा अंत्योदय योजना का 5.10 क्विंटल और पात्र गृहस्थी योजना का 6.40 क्विंटल सहित कुल 11.50 क्विंटल गेहूं का भी उठान किया गया है। वहीं अंत्योदय का 12.75 क्विंटल और पात्र गृहस्थी का 24.075 क्विंटल सहित कुल 37.50 क्विंटल चावल का भी उठान किया गया है।
जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया अभिलेखों में दर्ज खाद्यान्न और चीनी के स्टॉक का भौतिक सत्यापन में नहीं मिलना गंभीर अनियमितता माना गया है। मामले में उचित दर विक्रेता (कोटेदार) परशुराम की दुकान का अनुबंध निलंबित कर दिया गया है।
वही इस संबंध में कोठीभार थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश वर्मा ने बताया कि पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर आरोपी उचित दर विक्रेता (कोटेदार) परशुराम निवासी कैमा के खिलाफ सम्बंधित धाराओं के मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।


