महराजगंज ARTO कार्यालय में ‘इंट्री’ का खेल! ओवरलोड वाहनों से हर माह 40 लाख की अवैध वसूली का दावा, वीडियो-ऑडियो और सूची वायरल

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एआरटीओ कार्यालय के मुख्य गेट पर लगा ताला, अंदर मौजूद संदिग्ध शख्स
Maharajganj khabar live
महराजगंज। एआरटीओ कार्यालय में ओवरलोड वाहनों की ‘इंट्री’ के नाम पर कथित अवैध वसूली का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। दावा है कि दलालों के नेटवर्क के जरिए हर महीने करीब 38 से 40 लाख रुपये की वसूली की जा रही है। रात के समय बंद कार्यालय परिसर में कथित तौर पर दलालों की मौजूदगी के वीडियो और बातचीत के कई ऑडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। इतना ही नहीं, ‘इंट्री’ वाले वाहनों की कथित सूची और पकड़े गए वाहनों को छुड़ाने के लिए दलालों के खाते में ऑनलाइन भेजी गई रकम की लिस्ट भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। हालांकि वायरल वीडियो, ऑडियो और वाहनों की सूची को महराजगंज खबर लाइव पुष्टि नही कर रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 11,17 और 18 सेकेंड के तीनों अलग अलग वीडियो में देखा जा रहा है कि रात के वक्त एआरटीओ कार्यालय में बाहर से ताला लगा हुआ है। इस बीच एक संदिग्ध शख्स पहले से कार्यालय के अंदर दाखिल है। जो गेट पर आकर ओवरलोड इंट्री के खेल को अंजाम देने के लिए किसी व्यक्ति से बात कर रहा है। फिर अगले वीडियो के कुछ हिस्से में देखा जा रहा है कि उक्त संदिग्ध शख्स एआरटीओ कार्यालय के अंदर की एआरटीओ चालक और गार्ड के पास खड़े होकर गुफ़्तुगू कर रहा है। एक अन्य वीडियो में भी उक्त संदिग्ध शख्स को कार्यालय के अंदर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। इतना ही नही एआरटीओ कार्यालय में ओवरलोड इंट्री का खेल का उजागर वायरल हो रहे करीब दर्जनों ऑडियो भी कर रहे है। 1:34 मिनट के वायरल ऑडियो में पहले एक व्यक्ति कहते सुनाई दे रहा है कि ये भैया यह सब कहा भेजे है, तो दूसरा व्यक्ति बता रहा है कि चंदन अग्रहरि के यहाँ भेजे है। फिर पहले व्यक्ति ने कहा कि सागर के भाई के यहाँ…तो दूसरे ने कहा हा…पहले ने कहा इंट्री के लिए एक महीना के लिए कितना लगा था…तो दूसरे ने कहा आप भी करवाते है क्या…पहले व्यक्ति ने कहा कि नही मुझे भी एक गाड़ी का करवाना था इसलिए पूछ रहे है…दूसरे ने कहा पिछले बार प्रत्येक गाड़ी के लिए 3200 रुपये दिए थे। लेकिन इस बार 3500 मांग रहे है।…पहले ने कहा महराजगंज और गोरखपुर दोनों के लिए है…दूसरे ने कहा कि केवल महराजगंज के लिए है…पहले ने कहा कितने दिनों से कराते है…दूसरे ने कहा मैं काफी दिनों से कराता हूँ, हर महीने एक से दो तारीख में होता है। जो एक महीने के लिए होता है। पहले में कहा आप कहा से बोल रहे है…दूसरे ने कहा कि महराजगंज से हूं…पहले ने कहा आपका क्या नाम है…दूसरे ने कहा मेरा जाकिर नाम है। इसी तरह 2:07 सेकेंड के वायरल ऑडियो में सुनने को मिल रहा है कि हैलो…चाचा नमस्कार…जबाब में नमस्कार, धनेवा से बोल रहा हूँ…जबाब हा, मुझे भी गाड़ी का  इंट्री कराना था दो पिकअप है…जबाब अच्छा, कौन कराते है…जबाब पैसा भेज दीजिए प्रत्येक गाड़ी के लिए 3200 रुपये। दो गाड़ी के लिए 6400 रुपया के साथ नम्बर भेज दीजिए, नही तो आप खुद जा के करा कीजिए। क्योकि पैसा आप दे या मैं पैसा तो देना ही है, कागज में क्या लगेगा…जबाब कागज कुछ नही लगेगा एआरटीओ वाला है ना…हा हा…गाड़ी नंबर और पैसा दे दीजिए काम खत्म, किससे मिलना पड़ेगा…जबाब चंदन नाम है चंदन, ई कहा बैठते है…जबाब एआरटीओ ऑफिस पर बैठते है। इनके अलावा भी दो तीन आदमी बैठते है। कोई करेगा 3200 रुपया लेगा, इसका क्या रेट है…कोई रेट नही है जितना मन करेगा उतना लेंगे हमें और आपको रोड पर चलना है तो देना ही पड़ेगा। अभी इस तरह की कई वायरल ऑडियो है जो एआरटीओ कार्यालय में ओवरलोड इंट्री के खेल को उजागर कर रही है। इतना ही नही कई ऑडियो में तो ओवरलोड इंट्री मामले में एआरटीओ की भी भूमिका सुनने को मिल रही है। एआरटीओ कार्यालय में इंट्री होने वाले वाहनों का बकायदा सूची भी तैयार की गई है। दावा है कि उक्त सूची को दलाल की ओर से तैयार कर कार्यालय को मुहैया कराया जाता है। ताकि इन वाहनों की सूची देख जिम्मेदार नजरअंदाज कर सके।
इस संबंध में एआरटीओ मनोज सिंह ने बताया कि इस तरह की मामले उन्हें जानकारी नहीं है। एक चंदन नाम का व्यक्ति काम के सिलसिले में अक्सर कार्यालय में आता है। महराजगंज जिले के साथ देवरिया का भी उन्हें कार्यभार मिला है। ऐसे में विभागीय कार्यों को लेकर वह काफी व्यस्त रह रहे है। लग रहे आरोप भी बेबुनियाद है।
एआरटीओ कार्यालय में दखल देने वाले संदिग्ध शख्स की भूमिका अहम
एआरटीओ कार्यालय में दिन और रात में ओवरलोड इंट्री मामले में दखल देने वाले एक संदिग्ध चर्चित व्यक्ति का ऑनलाइन लेनदेन की करतूत भी सामने आई है। दावा के मुताबिक संदिग्ध शख्स को पहले वाहन का नम्बर UP56BT2139 नाम सुनील गुप्ता और UP56AT0910 नाम गोरख जायसवाल भेज बताया गया है कि गोरखपुर महराजगंज दोनों गाड़ी भैया फिर ऑनलाइन के माध्यम सागर अग्रहरि नामक व्यक्ति के फोन पे नम्बर पर 24000 का रकम भेजी गई है। जो कई सवाल को खड़े कर रहे है।
एआरटीओ कार्यालय पर उठे सवाल
महराजगंज में ओवरलोड वाहनों की चेकिंग और कथित लेन-देन को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि संदिग्ध शख्स द्वारा तैयार की गई एक सूची की प्रति एआरटीओ महराजगंज के पास भी रहती है और सूची में दर्ज वाहनों को कार्रवाई के बजाय कथित रूप से फोन पर संपर्क के बाद छोड़ दिया जाता है। आरोपों के मुताबिक संदिग्ध शख्स के भाई समेत कुछ अन्य लोग भी इस कथित नेटवर्क से जुड़े हैं और वाहनों के नंबर के आधार पर पैसों का लेन-देन व एंट्री की जाती है।
पहले हुई कार्रवाई में भी संदिग्ध शख्स का नाम आ चुका है सामने
कुछ वर्ष पहले महराजगंज में PTO और प्रवर्तन सिपाही के जेल जाने के मामले से भी चर्चित संदिग्ध के कथित संबंध का दावा किया गया है। संदिग्ध शख्स महराजगंज जिले के साथ ही कुशीनगर और गोरखपुर जिले में भी ओवरलोड एंट्री कराने की क्षमता रखता है। यही कारण है कि पूर्व में कुशीनगर जिले सहित कई जगहों पर हुई कार्रवाई में संदिग्ध शख्स का नाम सामने आ चुका है। लेकिन हर बार शख्स रसूख रिश्वत के दम पर मामले में दबोचे जाने से पहले बच निकलता है।