Loading

निचलौल। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सभागार में मंगलवार को सुरोखित शैशव कार्यक्रम के तहत आशा संगिनी को प्रशिक्षण देकर जागरूक की गई। इस दौरान प्रशिक्षण दे रही मिशन शक्ति टीम के महिला उपनिरीक्षक नंदनी ने कहा कि बाल श्रम और बाल विवाह से बच्चों पर गंभीर दुष्परिणाम होते हैं। क्योंकि वह शिक्षा से वंचित होने के साथ ही उनका शारीरिक, मानसिक विकास नहीं हो पाता है। इस अवसर पर सिस्टर जगरानी शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में संचालित होने वाली दुकानों पर काम करने वाले बाल मजदूरों को छुड़ाना होगा। क्योंकि उन बच्चों को शिक्षा हासिल करने की उम्र में वहां पर शारीरिक शोषण किया जाता है। इस अवसर पर बीसीपीएम परमेश्वर शाही सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।

error: Content is protected !!