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निचलौल शहर स्थित मदरसा
Maharajganj kabhar live
महराजगंज। जिले के निचलौल शहर स्थित मदरसा अरबिया अजीजिया मजहरूल उलूम इन दिनों पूरी तरह से विवादों में उलझ चुका है। क्योंकि उक्त मदरसे में एक के बाद एक गंभीर आरोप लगाएं जा रहे है। ऐसे में मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य को लेकर आशंका जताई जा रही है। वही मदरसे में तैनात जिम्मेदारों के बीच का विवाद अधिकारियों की चौखट तक जा पहुंची है।
जानकारी के मुताबिक मदरसे के बायलॉज के अनुसार हर तीन साल में प्रबंध समिति का चुनाव अनिवार्य है। इसी आधार पर एक शख्स ने 7 अक्टूबर 2021 को चुनाव कराकर संबंधित विभिन्न विभागों में सूची दाखिल कर दी। इतना ही नहीं जिम्मेदार शख्स ने इस सूची को लेकर निचलौल एसडीएम न्यायालय में वाद दाखिल कर दिया। वही 24 अगस्त 2023 को एसडीएम एसडीएम न्यायालय की ओर से शख्स के चुनाव को वैध भी ठहरा दिया गया। हद तो तब हो गई जब शख्स ने साल 1979 में बने मदरसे के पुराने बायलॉज का हवाला देते हुए स्वयं को प्रबंधक और अपने पुत्र को अध्यक्ष बताते हुए 27 सितंबर 2023 को साल 2024–25 के लिए 20 सदस्यीय प्रबंध समिति की सूची पंजीकृत करा ली।
जबकि मदरसे के बायलॉज के मुताबिक अधिकतम 15 सदस्यों का ही प्रावधान है। वही पीड़ित महमूदुल्लाह ने शख्स के इस करतूत को उजागर करने के साथ ही एसडीएम के आदेश को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में वाद दाखिल न्याय की गुहार लगाई। मुकदमे के दौरान पीड़ित महमूदुल्लाह की तबीयत खराब हो गई। जिसका फायदा उठाते हुए शख्स ने रकम की वसूली कर 22 जून 2024 को पांच नई नियुक्तियां की। शख्स की मनमानी इस कदर रही कि कार्यकारिणी समिति से पांच सदस्यों को बिना किसी नोटिस अथवा वैधानिक प्रक्रिया के ही हटा दिया गया। मदरसे में बच्चों को तालीम देने के बजाय हर रोज विवादों में उलझते चले जा रहे। जिसके चलते बच्चों के भविष्य पर संकट बना हुआ है। वही जिम्मेदार एक बार फिर न्यायालय की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।


