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Maharajganj khabar live
निचलौल। नेपाल के पहाड़ी और सीमावर्ती इलाकों में बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश के चलते बाढ़ की चपेट में आए किसानों को प्रशासन ने राहत दी है। तहसील क्षेत्र के सोहगीबरवा, भोतहा और शिकारपुर समेत करीब आधा दर्जन गांवों में बाढ़ से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा था। किसानों की परेशानी को देखते हुए राजस्व विभाग ने तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराने के साथ ही बर्बाद फसलों की क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए सर्वे कराया। सर्वे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को तहसील सभागार में आयोजित कार्यक्रम में 1399 किसानों को करीब 56 लाख रुपये की फसल क्षतिपूर्ति राशि वितरित की गई।

एसडीएम अवनीश त्रिपाठी ने बताया कि नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण तहसील क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया था। इससे खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो गईं और किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। कई गांवों में फसलें बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। स्थिति को देखते हुए राजस्व विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन शुरू कराया। सर्वे के दौरान करीब 275 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसल क्षति का आकलन किया गया। इन्होंने आगे बताया कि तहसील सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सिसवा विधायक प्रेमसागर पटेल की मौजूदगी में कुल 1399 किसानों को करीब 56 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि वितरित की गई। बाढ़ के बाद प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री मुहैया कराई गई थी। इसके बाद किसानों की बर्बाद फसलों का सर्वे कराकर क्षतिपूर्ति वितरण की प्रक्रिया पूरी की गई। मुआवजा मिलने से प्रभावित किसानों को नुकसान की भरपाई करने और अगली फसल की तैयारी में आर्थिक मदद मिलेगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से बाढ़ प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने की दिशा में मदद मिली है। इस अवसर पर तहसीलदार अमित सिंह सहित अन्य राजस्व कर्मियों और किसान मौजूद रहे।


