महराजगंज में नारायणी का रौद्र रूप! सोहगीबरवा समेत आधा दर्जन गांव जलमग्न, 50 हजार आबादी प्रभावित-VIDEO

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लोगों को रेस्क्यू करती टीम
Maharajganj khabar live
महराजगंज। नेपाल के पहाड़ों पर हो रही लगातार मूसलाधार बारिश का असर अब उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है। महराजगंज में नारायणी नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर 4 लाख 50 हजार क्यूसेक तक पहुंचने के बाद निचलौल ब्लॉक के सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोतहा समेत आधा दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कई रास्ते पूरी तरह जलमग्न हैं और तेज धारा के चलते कटान का खतरा भी बढ़ गया है। अभी भी नदी का जलस्तर लगातर बढ़ रहा है। आशंका जताई जा रही है कि अगले पांच से छह घंटे में नदी में करीब 7 लाख क्यूसेक पानी पहुच जाएगी। हालात को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है और राहत-बचाव के लिए NDRF और SDRF की टीमें मौके पर पहुंच रही हैं।
महराजगंज में नारायणी नदी इस वक्त पूरे उफान पर है। नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और रविवार यह करीब 4 लाख 50 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया। नदी के बढ़े जलस्तर का सबसे ज्यादा असर निचलौल ब्लॉक के सीमावर्ती गांवों पर पड़ा है। सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोतहा समेत करीब आधा दर्ज गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सोहगीबरवा जाने वाले लगभग सभी रास्ते पानी में डूब चुके हैं। कई जगह सड़कों के ऊपर करीब डेढ़ से दो मीटर तक पानी तेज बहाव के साथ गुजर रहा है। कई स्थानों पर नदी की तेज धारा से कटान भी शुरू हो गया है। बाढ़ के पानी से घिरे ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित स्थान तक पहुंचने की है। कई परिवार पूरी रात घरों की छतों और मचानों पर गुजारने को मजबूर रहे।
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। NDRF और SDRF की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंच रही हैं। ग्रामीणों को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। वहीं प्रशासनिक टीमें लगातार संवेदनशील इलाकों की निगरानी कर रही हैं। निचलौल के एसडीएम अवनीश त्रिपाठी और तहसीलदार अमित सिंह ट्रैक्टर-ट्रॉली से सोहगीबरवा पहुंचे। अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित बस्तियों का जायजा लिया और ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। एसडीएम ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की और राहत-बचाव कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होने देने की बात कही।
बाढ़ के बीच स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। एसडीएम ने मेडिकल टीम की व्यवस्थाओं की समीक्षा की और डॉक्टरों को जरूरी दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बाढ़ के पानी में सांप निकलने की आशंका को देखते हुए एंटी-वेनम की पर्याप्त व्यवस्था रखने को भी कहा गया है।
उधर, जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। इन्होंने कहा कि निचलौल, नौतनवा और फरेंदा तहसीलों से होकर गुजरने वाली नदियों और नालों के बांधों और तटबंधों का निरीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों को दिन-रात अलर्ट रहने और तटबंधों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।