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आग से जलता जंगल
Maharajganj kabhar live
महराजगंज। जिले में सोहगीबरवा के जंगलों में रविवार को भीषण आग लग गई है। आग की भयावह लपटों की चपेट में आने से जहां वन संपदा धू धू कर जल रही है। वही वन्य जीवों के लिए संकट खड़ा हो चुका है। हालांकि जंगल में लगी आग और आग लगने की घटनाओं को लेकर वन विभाग की टीम सतर्क हो चुकी है। वह आग पर काबू पाने के लिए हर स्तर के प्रयास में जुटी हुई है।
जानकारी के मुताबिक जिला सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के कुल 342 वर्ग किलोमीटर प्राकृतिक वन क्षेत्र से घिरा हुआ है। इनमें कीमती पेड़ पौधे जड़ी बूटियां समेत ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल के साथ ही जंगली जीव जंतुओं का भी निवास है। इसी बीच सोहगीबरवा वन क्षेत्र के दक्षिणी चौक रेंज में लगी आग ने हवाओं के साथ भयावह रूप ले लिया है। ऐसे में घने जंगलों की वन संपदा धू-धू कर जल रहे हैं। इससे पूरा इलाका घने धुएं की चपेट में आ गया है। आग की भयावह लपटों के बीच वन्य जीवों के सामने भी जीवन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। सुरक्षित ठिकानों की तलाश में जानवर इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं।
डीएफओ निरंजन सुर्वे ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि जंगलों में अवैध रूप से प्रवेश कर आग न लगाएं। उन्होंने बताया कि सूखी झाड़ियों की कटाई फायर लाइन के मानकों के अनुसार की जा रही है, ताकि आग को फैलने से रोका जा सके। साथ ही, जंगल से सटे किसानों से विशेष आग्रह किया गया है कि वे खेतों में गेहूं के डंठल (पराली) को न जलाएं,क्योंकि इससे जंगल में आग लगने का खतरा और बढ़ जाता है। इन्होंने आगे कहा कि वन क्षेत्र में आग न लगने पाए इसको लेकर वन विभाग के द्वारा बड़ी तैयारी की गई है। फायर लेन कटान से वन क्षेत्र में जो सूखे झाड़ पतझड़ है, उन्हें काटा जा रहा है। इतना ही नहीं जो सूखी पत्तियां हैं उनको कंट्रोल बर्निंग के जरिए नष्ट किया जा रहा है। कोई भी जंगल में अवैध प्रवेश कर आग जलाने की घटना ना करने पाए। इसको लेकर वन विभाग को किसी भी अवैध प्रवेश पर रोक लगाने को लेकर निर्देश दिया गया है। जंगल के आसपास रहने वाले लोगों के साथ बैठक कर लोगो को किसी भी तरह से आग ना लगाने की अपील की जा रही है। वन क्षेत्र में जो वॉटर हॉल्स है। उनमें भी पानी भराई की कार्यवाही की जा रही है।


