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पांच साल से ओवरहेड टैंक से जलापूर्ति ठप, तीन ग्राम सभाओं के हजारों उपभोक्ता परेशान

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ओभरहेड टैंक

रिपोर्ट, इजहार अली सिद्दीकी 
झुलनीपुर। भारत-नेपाल सीमा से सटे ग्राम सभा बैठवलिया में पिछले पांच वर्षों से ओवरहेड टैंक से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति ठप है। पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद बंद हुई जलापूर्ति अब तक बहाल नहीं हो सकी है। इससे बैठवलिया, मिश्रौलिया और शीतलापुर ग्राम सभाओं के हजारों लोग शुद्ध पेयजल से वंचित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित विभाग ने अब तक मरम्मत नहीं कराई।
बताया जाता है कि वर्ष 2001 में तत्कालीन मंत्री शिवेंद्र सिंह ने 54 लाख रुपये की लागत से निर्मित ओवरहेड टैंक आधारित पेयजल योजना का उद्घाटन किया था। निर्माण के बाद कुछ समय तक तीनों ग्राम सभाओं में नियमित जलापूर्ति हुई, लेकिन तकनीकी खराबी के चलते पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद जलापूर्ति बंद कर दी गई, जो आज तक बहाल नहीं हो सकी। योजना से करीब 5,790 उपभोक्ताओं को जोड़ने का दावा किया गया था। ग्रामीण छत्रधारी यादव ने बताया कि योजना शुरू होने से लोगों को शुद्ध पेयजल मिलने लगा था, लेकिन पाइपलाइन खराब होने के बाद आपूर्ति बंद कर दी गई। कई बार शिकायत के बावजूद विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। दिवाकर पांडेय ने कहा कि योजना से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन जलापूर्ति बंद होने के बाद ग्रामीणों को फिर पुरानी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
अमित पांडेय का कहना है कि शुद्ध पेयजल उपलब्ध न होने से लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। वहीं, गोपाल पांडेय ने कहा कि पाइपलाइन टूटने से पूरी योजना बेपटरी हो गई है और ग्रामीण पेयजल संकट झेलने को मजबूर हैं। समाजसेवी प्रभाकर जायसवाल ने बताया कि इस संबंध में कई बार विभागीय अधिकारियों को लिखित और मौखिक शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह परियोजना अभी तक ग्राम पंचायत को भी हस्तांतरित नहीं की गई है। जलापूर्ति बंद रहने से ओवरहेड टैंक परिसर भी उपेक्षा का शिकार हो गया है और सरकार की ‘हर घर जल’ योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गांव में बना ओवरहेड टैंक अब केवल शोपीस बनकर रह गया है। इस संबंध में जूनियर इंजीनियर पंकज कुमार ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण जलापूर्ति बाधित है। कार्यदायी संस्था को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और जल्द ही समस्या का समाधान कराकर जलापूर्ति बहाल की जाएगी।
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