नारायणी नदी का जलस्तर तीन लाख क्यूसेक पार, सोहगीबरवा समेत आठ टोले बाढ़ की चपेट में; प्रशासन हाई अलर्ट पर

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गांव में घुसा बाढ़ का पानी
Maharajganj khabar live
निचलौल। नेपाल के पहाड़ों पर लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से नारायणी नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर शनिवार दोपहर बाद तीन लाख क्यूसेक के पार पहुंच गया, जिससे सीमावर्ती महराजगंज जिले के निचलौल ब्लॉक में बाढ़ का संकट गहरा गया है। सोहगीबरवा, भोथहा और शिकारपुर समेत आठ टोले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
गांवों में पानी घुसने के साथ ही सोहगीबरवा जाने वाले सभी रास्ते जलमग्न हो गए हैं। कई स्थानों पर नदी की तेज धारा से कटान शुरू होने के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
नारायणी नदी का जलस्तर लगातार तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने संबंधित अधिकारियों को दिन-रात अलर्ट रहने और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक टीमें संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं। बताया जा रहा है कि नदी का जलस्तर करीब साढ़े तीन लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है।
ऐसा हुआ तो सोहगीबरवा क्षेत्र के साथ आसपास के गांवों में भी बाढ़ का खतरा और बढ़ जाएगा। पहले से पानी से घिरे गांवों में आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों को आने-जाने के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कुशीनगर जिले के भी कई गांवों के कुछ टोले भी बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। नेपाल में बारिश जारी रहने के कारण नारायणी नदी के जलस्तर में और बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है। प्रशासन नदी के जलस्तर और तटवर्ती इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।