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Maharajganj kabhar live
महराजगंज। नौतनवा थाना क्षेत्र के गांव बनवाटारी में बृहस्पतिवार को दरवाजे पर खेल रहा एक मासूम बच्चा अचानक लापता हो गया। परिजन काफी तलाश करने पर मासूम को करीब डेढ़ घंटे बाद पोखरी से अचेत अवस्था में बरामद किया। उसके बाद आनन फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लक्ष्मीपुर लेकर पहुंचे। जहां पर डॉक्टरों ने मासूम बच्चे की स्वास्थ्य जांच करने के बाद मृत घोषित कर दी। इसकी सूचना मिलते ही परिजनों में चीख पुकार मच गया।
गांव के रहने वाले व्यासमुनि मिश्र ने बताया कि राजेश चौहान का दो वर्षीय बेटा अरुण चौहान वृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे घर के सामने दरवाजे पर खेल रहा था। इसी बीच मासूम अरुण अचानक लापता हो गया। परिजन दरवाजे पर अरुण को न देख इधर उधर तलाश करने लगे। लेकिन अरुण का करीब डेढ़ घंटे तक कही पता नहीं चल सका। इसी बीच पिता राजेश चौहान बेटे को ढूंढते हुए घर के दक्षिण ओर करीब 20 मीटर की दूरी पर स्थित पोखरी के किनारे पहुंचे। जहां पर राजेश बेटे अरुण को पोखरी में देख बदहवास हो गए। राजेश पोखरी से अचेत बेटे को निकाल आनन फानन में अस्पताल पहुंचे। लेकिन उससे पहले मासूम अरुण की मौत हो चुकी थी। इन्होंने आगे कहा कि राजेश की आर्थिक हालात ठीक नहीं है। वह पोलदारी का कार्य करता है। जबकि पत्नी घर पर रहती है। अरुण की मौत के बाद मां किरण देवी का रो रोकर बुरा हाल हो चुका है। बच्चे की मौत के बाद परिजन पुलिस को सूचना न देकर दफना दिया है।
घर का इकलौता था बेटा था अरुण
मृत अरुण घर का इकलौता बेटा था, जो खेलते हुए अचानक लापता हुआ और पोखरी से पानी भरे पोखरी से बरामद हुआ। इस घटना के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पिता राजेश और मां किरण देवी बेटे अरुण को लेकर तमाम सपने देख रहे थे। लेकिन अचानक हुई घटना ने उनकी पूरी उम्मीद खत्म कर दी है। बताया जा रहा है कि गरीबी के बीच काफी दिनों बाद राजेश और किरण देवी की मन्नतों के बाद घर का इकलौता बेटा अरुण मिला था। पूरे परिवार में खुशियाँ लौट आईं।लेकिन यह खुशियां महज दो सालों तक ही रही है।


