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मृत गुड्डी की फाइल फोटो और घटनास्थल
Maharajganj kabhar live
महराजगंज। सोहगीबरवा थाना क्षेत्र के सोहगीबरवा निवासी उमेश चौधरी की बेटी गुड्डी (14) का क्षत विक्षत शव शनिवार को जंगल में मिला था। जिसकी मौत का वजह जंगली जानवर के हमले से हुआ था। हालांकि कौन सा जानवर हमला किया था। अभी यह पुख्ता पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में रविवार देर शाम को गुड्डी का शव गांव पहुंचा तो एक बार फिर लोग गमगीन हो गए। पुलिस की मौजूदगी में गुड्डी के शव को दफना दी गई।
सोहगीबरवा थाना प्रभारी निरीक्षक गौरव कन्नौजिया के मुताबिक सोहगीबरवा निवासी उमेश चौधरी की बेटी अंगिरा (19) और गुड्डी (14) एक साथ जंगल से सटे खेत में जानवरों के लिए घास काटने गई थी। जिस दौरान गुड्डी के ऊपर जंगली जानवर ने हमला कर जंगल के झाड़ियों में खींच ले गया। जहां पर जानवर गुड्डी को जानवर मार डाला। जिससे गुड्डी की मौत हो गई। इतना ही नहीं जानवर शरीर के कई हिस्सों को भी क्षतिग्रस्त कर दी थी। इन्होंने आगे कहा कि पोस्टमाटर्म रिपोर्ट में भी गुड्डी की मौत जंगली जानवर के हमले में चोट लगने के कारण बताया गया है। लेकिन मृत गुड्डी पर कौन सा जानवर हमला किया है। इसका पुख्ता जानकारी नहीं हो सकी है। पोस्टमाटर्म के बाद शव को दफना दिया गया है। इतना ही नहीं वन कर्मियों के साथ ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। रात में गांवों में पुलिस टीम की गस्त भी बढ़ा दी गई है। वही वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूटीआई) के अरशद हुसैन ने बताया कि लोगों के मुताबिक जिस जगह पर गुड्डी घास काट रही थी। वहां से करीब दो सौ मीटर दूर जंगल में झाड़ियों के बीच शव था। इस दूरी के बीच महज एक जगह जंगली जानवर का पदचिन्ह देखने को मिला। वह भी स्पष्ट नहीं हो सका कि कौन जानवर का पदचिन्ह है। वही शिवपुर वन रेंज के प्रभारी वन क्षेत्राधिकारी सुनील राव ने कहा कि घटनास्थल की जांच पड़ताल की जा रही है। घटनास्थल के इर्द गिर्द जंगली जानवरों के पदचिन्हों की तलाश की जा रही है। इसके लिए बिहार वन्य जीव प्रभाग के भी टीम लगी हुई है। वारदात के बाद ग्रामीणों में काफी दहशत का माहौल बना हुआ है।
परिजन को सहायता के लिए प्रक्रिया शुरू
नायब तहसीलदार पियूष जायसवाल ने बताया कि टीम के साथ रविवार को पीड़ित परिवार के घर पहुंचा गया। जहां पर पीड़ित परिवार से जरूरी दस्तावेज लेने के बाद जंगली जानवरों से मौत में मिलने वाले पांच लाख रूपये की अनुदान के लिए ऑनलाइन करा दी गई है। जल्द ही पीड़ित परिवार के खाते में अनुदान के रूप में पांच लाख रुपए भेज दिए जाएंगे। इतना ही नहीं पीड़ित परिवार को कंबल देने के साथ ही अतिरिक्त राशन मुहैया कराने के लिए संबंधित कोटेदार को निर्देशित किया गया है।


