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Maharajganj kabhar live
महराजगंज। निचलौल ब्लॉक क्षेत्र के गांव भेड़िया में पंचायत भवन निर्माण में जिम्मेदारों की ओर से जमकर मनमानी की गई है। जिम्मेदारों का करतूत उजागर विभागीय पोर्टल पर दर्ज की गई भुगतान बिल के आधार पर हुआ है। विभागीय पोर्टल पर भुगतान आंकड़ों के मुताबिक पंचायत भवन में मिट्टी और राबिश भराई के नाम पर पांच बिलों पर तीन शख्स के निजी खातों में कुल 3.75 लाख रूपये का भुगतान किया गया है। जो वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। ऐसे में ग्रामीण मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर जांच करने की मांग की है।
विभाग के अधिकारियों के मुताबिक
नियमों के अनुसार, पंचायत के विकास कार्यों का भुगतान केवल अधिकृत फर्म, संस्था या ठेकेदार के खाते में ही किया जाना चाहिए। निजी खातों में भुगतान होना सरकारी धन के दुरुपयोग और सुनियोजित वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। अगर ऐसा हुआ है तो प्रकरण गंभीर है। हालांकि विभागीय पोर्टल पर दर्ज हुई भुगतान बिल के आंकड़ों के मुताबिक 16 जनवरी 2023 को भेड़िया में पंचायत भवन निर्माण में मिट्टी, राबिश और सिल्ट का भुगतान प्रद्दुम्न धर दुबे के निजी खाते में 78012 रूपये का भुगतान किया गया है। इसी तिथि को पंचायत भवन में मिट्टी, राबिश और सिल्ट का भुगतान मुकेश धर दुबे के निजी खाते में 79430 रूपये का भुगतान किया गया है। इसी तरह 5 मार्च 2023 को पंचायत भवन में मिट्टी भराई के लिए संजय धर दुबे के निजी खाते में 80612 रूपये का भुगतान किया गया है। जबकि 30 सितंबर 2023 को पंचायत भवन पर मिट्टी कार्य के लिए संजय धर दुबे के निजी खाते में 68627 रूपये का भुगतान हुआ है। इसी तिथि को पंचायत भवन पर मिट्टी कार्य के लिए मुकेश धर दुबे के निजी खाते में 68627 रूपये का भुगतान किया गया है। ऐसे में पंचायत भवन पर मिट्टी, राबिश और सिल्ट कार्य के लिए पांच बिल पर संजय धर दुबे, मुकेश धर दुबे और प्रद्दुम्न धर दुबे के खाते में कुल करीब 3.75 लाख रूपये का भुगतान किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार गांव का विकास करने के नाम पर सरकारी धन का धांधली करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़े है। क्योंकि गांव में विकास करने के नाम पर निजी व्यक्ति के खाते में रकम भुगतान करने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी जिम्मेदार मनरेगा पार्क में मिट्टी भराई के नाम पर करीब 1.34 लाख रूपये का भुगतान कर चुके है। जिस मामले में विभागीय फाइलों में जांच तो शुरू कर दी गई है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
वही इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी महेन्द्र सिंह ने बताया कि निजी व्यक्ति के खाते में सरकारी धन का भुगतान करने का मामला गंभीर है। रकम को किस तरह और क्यों भुगतना किया गया है। प्रकरण की जांच कर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।


