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मधवलिया गोसदन को मॉडल और आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी, डीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने जिम्मेदारों को दिए कई अहम निर्देश

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गोसदन का निरीक्षण करते डीएम

Maharajganj kabhar live 
महराजगंज। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह के साथ मधवलिया गोसदन का निरीक्षण किया। इस दौरान इन्होंने गोसदन में संचालित व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पशु शेड, वर्मी कंपोस्ट इकाई, गोबर गैस प्लांट, बीमार पशु शेड, हरे चारे की उपलब्धता समेत विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन कर जिम्मेदारों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने गोबर गैस प्लांट की मरम्मत तत्काल कराने तथा अप्रयुक्त पशु शेडों को दुरुस्त कर उनमें गोवंशों को संरक्षित करने का निर्देश दिया। उन्होंने आगे कहा कि गोसदन को उसकी पूर्ण क्षमता के साथ संचालित किया जाए। वही मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ० एजाज़ अहमद ने बताया कि वर्तमान में गोसदन में कुल 570 गोवंश संरक्षित हैं। उनके लिए 4000 कुंतल भूसा, 87 कुंतल पशु आहार तथा 216 कुंतल साइलेज उपलब्ध है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एक बीमार गोवंश के उपचार की जानकारी ली। गोवंशों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण व समुचित देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बीमार पशुओं के लिए अलग एवं उपयुक्त वार्ड के निर्माण पर भी जोर दिया। इसके साथ ही तीन अप्रयुक्त पशु शेडों को शीघ्र उपयोग में लाने के निर्देश दिए। वर्मी कंपोस्ट उत्पादन की समीक्षा के दौरान बीडीओ निचलौल संतोष कुमार यादव ने बताया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाएं वर्मी कंपोस्ट का उत्पादन और बिक्री कर रही हैं। इसके अतिरिक्त गोबर से गोकाष्ठ भी तैयार किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने वर्मी कंपोस्ट की बिक्री के लिए बेहतर मार्केट लिंकेज और उपयुक्त प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मंदिरों, अंत्येष्टि स्थलों और नगर निकायों को गोकाष्ठ की बिक्री के लिए कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा।
जिलाधिकारी ने अर्धनिर्मित अतिरिक्त वर्मी कंपोस्ट शेड को शीघ्र पूर्ण कर उत्पादन बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मधवलिया गोसदन में आत्मनिर्भर और मॉडल गोसदन बनने की पूरी क्षमता है। जिसके लिए व्यापक कार्ययोजना बनाकर उसे प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता है। उन्होंने गोसदन में संचालित सभी गतिविधियों को मुख्य द्वार पर प्रदर्शित करने तथा गैस बॉटलिंग प्लांट, मधुमक्खी पालन और गोबर पेंट जैसी आयवर्धक गतिविधियां शुरू करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गोवंशों को गुड़, केला और चना खिलाया तथा उनका पूजन भी किया। इस अवसर पर डीडीओ बी.एन. कन्नौजिया, एसडीएम निचलौल सिद्धार्थ गुप्ता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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