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कार्यक्रम में उपस्थित लोग
Maharajganj kabhar live 
महराजगंज। जिले में 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के समग्र विकास और विकासात्मक बाधाओं तथा संभावित दिव्यांगताओं की समय रहते पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित ‘प्रोजेक्ट पहचान’ के तहत क्लस्टर स्तरीय प्रशिक्षण अभियान के चौथे दिन 35 क्लस्टरों में आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही जनपद के 185 क्लस्टरों में ग्राउंड स्टाफ का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बच्चों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और व्यवहारिक विकास के विभिन्न चरणों की जानकारी दी गई। साथ ही विकासात्मक विलंब, सीखने में कठिनाई, सुनने, देखने, बोलने, चलने-फिरने तथा मानसिक विकास से जुड़ी संभावित समस्याओं के शुरुआती संकेतों की पहचान करने के व्यावहारिक तरीके बताए गए। अभिभावकों की प्रभावी काउंसलिंग, बच्चों के विकास संबंधी आंकड़ों के संकलन, स्क्रीनिंग प्रक्रिया और संदिग्ध बच्चों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की कार्यप्रणाली पर भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। संबंधित क्लस्टरों में यह प्रशिक्षण सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) और एएनएम ने प्रदान किया।
अभियान का उद्देश्य केवल विकासात्मक बाधाओं अथवा संभावित दिव्यांगता की पहचान करना नहीं, बल्कि समय पर उपचार और पुनर्वास उपलब्ध कराकर बच्चों के समुचित विकास को सुनिश्चित करना भी है।
जनपद के सभी 222 क्लस्टरों में आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और एएनएम का चरणबद्ध प्रशिक्षण कराया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद गांव-गांव सर्वेक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान घर-घर जाकर 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों की स्क्रीनिंग की जाएगी। स्क्रीनिंग में बच्चों के बोलने, सुनने, समझने, सीखने, चलने, व्यवहार और सामाजिक सहभागिता समेत विभिन्न विकासात्मक मानकों का आकलन किया जाएगा।
‘प्रोजेक्ट पहचान’ एक बहु-विभागीय समन्वित अभियान है, जिसमें बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग नोडल विभाग की भूमिका निभा रहा है। अभियान में स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज समेत अन्य विभागों का भी सहयोग लिया जा रहा है, ताकि जरूरतमंद बच्चों को समय पर पहचान, उपचार और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
उल्लेखनीय है कि 31 जुलाई 2026 को सभी विकास खंडों में आयोजित कार्यशालाओं में मुख्य विकास अधिकारी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अभियान की रणनीति, कार्यप्रणाली तथा विभागीय जिम्मेदारियों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया था।
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