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Maharajganj kabhar live
महराजगंज। नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के बाद महराजगंज के निचलौल इलाके में मंडरा रहा बाढ़ का खतरा फिलहाल टलता नजर आ रहा है। रात में कुछ देर बढ़ने के बाद नारायणी नदी का जलस्तर अब घटने लगा है। गुरुवार सुबह 8 बजे तक नदी का डिस्चार्ज करीब 95 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया। वहीं, गंडक यानी वाल्मीकिनगर बैराज के सभी फाटक खोल दिए गए हैं। एहतियात के तौर पर प्रभावित गांवों में राजस्व, स्वास्थ्य और वन विभाग के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें अब भी तैनात हैं।
नेपाल में आई तबाही के बाद महराजगंज के निचलौल तहसील क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ गया था। नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी से सटे गांवों में दहशत का माहौल बन गया। कई गांवों के लोग रातभर गांव से बाहर सुरक्षित स्थानों पर जागकर अपनी रात बिताने को मजबूर रहे।
हालांकि अब हालात में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। रात में कुछ देर बढ़ने के बाद नारायणी नदी का जलस्तर घटने लगा है। गुरुवार सुबह 8 बजे तक नदी का डिस्चार्ज करीब 95 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया। गंडक यानी वाल्मीकिनगर बैराज के सभी फाटक भी खोल दिए गए हैं। पानी का स्तर सामान्य होने के बाद गांवों से बाहर गए लोग अब धीरे-धीरे अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। हालांकि खतरा पूरी तरह खत्म नहीं माना जा रहा, इसलिए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा रखी है।
बाढ़ के पानी के साथ नदी में बड़ी मात्रा में मलबा और लकड़ियां भी बहकर आई हैं। ग्रामीण अब नदी और आसपास के इलाकों से इन लकड़ियों और मलबे को निकालने में जुटे हैं। प्रशासन की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि नदी में बाढ़ आने की सूचना के बाद वह लोग गांव छोड़ सुरक्षित जगह पर रात भर थे। रात में कुछ देर नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद जलस्तर घटने से राहत की सांस ली है।


