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Maharajganj khabar live
निचलौल। क्षेत्र स्थित सरस्वती देवी महिला महाविद्यालय में सावन महोत्सव का आयोजन उत्साह और उमंग के साथ किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने पारंपरिक कजरी गायन, लोकगीत, शिव स्तुति और शिव तांडव की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया। प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्राओं ने भारतीय लोक संस्कृति और सावन की पारंपरिक विरासत को जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सरस्वती ग्रुप ऑफ कॉलेज के उप प्रबंध निदेशक आदित्य सिंह ने लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोक संस्कृति हमारी पहचान और विरासत है। इसके संरक्षण के लिए प्रत्येक महाविद्यालय में इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहे।

जबकि महाविद्यालय के प्राचार्य श्याम बिहारी अग्रवाल ने कहा कि लोक संस्कृति हमारी समृद्ध विरासत है। यह परिवार, समाज और राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने छात्राओं से अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को जानने और उन्हें आगे बढ़ाने का आह्वान किया। वही उप प्राचार्य सत्येंद्र गुप्ता ने कहा कि आने वाली पीढ़ियां धीरे-धीरे पारंपरिक संस्कृति से दूर होती जा रही हैं। ऐसे में युवाओं को भारतीय संस्कृति और उसकी परंपराओं से परिचित कराना आवश्यक है। सावन महोत्सव के माध्यम से छात्राओं को भारतीय संस्कृति की एक झलक दिखाने के साथ ही अपनी संस्कृति को अपनाने और उसके संवर्धन का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में प्राचार्य श्याम बिहारी अग्रवाल, उप प्राचार्य सत्येंद्र गुप्ता, डिंपल पटेल, रामकेश चौधरी, डॉ. आनंद मिश्र, मानवेंद्र त्रिपाठी, तानिया जायसवाल, प्रतिभा, साक्षी त्रिपाठी, श्वेता, मृदुल, दिनेश साहनी, उमेश प्रजापति, डॉ. वीरेंद्र सिंह, रुक्मणी श्रीवास्तव, अनिरुद्ध, योगेश, विवेक, राज, अमेरिका यादव सहित महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

