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गन्ने के किनारे बैठा तेंदुआ
रिपोर्ट, इजहार अली सिद्दीकी 
झुलनीपुर। सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के निचलौल वन रेंज अंतर्गत ग्राम मिश्रौलिया में एक तेंदुए के शावक का शव मिलने के बाद क्षेत्र में दूसरे तेंदुए की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बीते दो दिनों से तेंदुआ गांव के पश्चिम स्थित गन्ने के खेतों में विचरण कर रहा है। उसकी गुर्राहट सुनाई देने से मिश्रौलिया, बैठवलिया और गुलरभार समेत आसपास के गांवों के लोग भयभीत हैं। स्थिति को देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है, जबकि ग्रामीण भी रात में पहरा दे रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, कुछ दिन पहले मिश्रौलिया गांव के पश्चिम स्थित गन्ने के खेत की मेड़ पर एक तेंदुए का शव मिला था। शव के गर्दन पर दांत के गहरे निशान पाए गए थे। वन विभाग का अनुमान है कि मृत तेंदुए की उम्र छह माह से एक वर्ष के बीच रही होगी। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि दो तेंदुओं के बीच हुए संघर्ष में उसकी मौत हुई है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कुछ दिन पहले इसी क्षेत्र में एक मादा तेंदुआ अपने शावकों के साथ भी देखी गई थी। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि मृत तेंदुआ उसी का शावक था। शावक की मौत के बाद वयस्क तेंदुआ लगातार गन्ने के खेतों के आसपास खोजबीन कर रहा है और गुर्राने की आवाजें भी सुनाई दे रही हैं।
तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों ने गन्ने के खेतों की ओर जाना लगभग बंद कर दिया है। लोग अकेले खेतों में जाने से बच रहे हैं और बच्चों को भी घरों से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी जा रही है।
रेंजर सुनील राव ने बताया कि जंगल से सटे गांवों के गन्ने और केले के खेतों में तेंदुए की गतिविधियां बनी हुई हैं। वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है और तेंदुए की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। साथ ही ग्रामीणों को सतर्क रहने और वन विभाग द्वारा जारी सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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