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भारतीय पर्यटकों के लिए मुक्तिनाथ का नया प्रवेश द्वार बनेगा बुटवल, आध्यात्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

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नेपाल मे भारतीय पत्रकार

Maharajganj kabhar live 
महराजगंज। भारत और नेपाल के बीच धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन को नई गति देने की दिशा में नेपाल का बुटवल शहर जल्द ही भारतीय पर्यटकों के लिए मुक्तिनाथ यात्रा का प्रमुख ट्रांजिट हब बन सकता है। नेपाल-भारत पर्यटन पत्रकार संवाद कार्यक्रम में दोनों देशों के पर्यटन विशेषज्ञों, जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों ने बुटवल को आध्यात्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।
नेपाल के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को करीब से समझने के उद्देश्य से भारत के विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े 23 वरिष्ठ पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने नेपाल के पाल्पा और रूपन्देही जिले के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। प्रतिनिधिमंडल ने पाल्पा के नुवाकोट गढ़ी, मणिमुकुन्दसेन पार्क तथा बुटवल के ऐतिहासिक जीतगढ़ी किले का दौरा कर नेपाल-अंग्रेज युद्ध और दोनों देशों के साझा इतिहास की जानकारी प्राप्त की।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व महराजगंज प्रेस क्लब (उत्तर प्रदेश) के अध्यक्ष एवं ज़ी न्यूज़ के वरिष्ठ संवाददाता अमित त्रिपाठी ने किया। दल में आज तक के अमितेश त्रिपाठी, हिन्दुस्तान के आलोक जोशी, डीडी न्यूज़ के रोहित त्रिपाठी, दैनिक भास्कर के सुदेश त्रिपाठी, इंडिया न्यूज़ के अजय जायसवाल, अमर उजाला के दिनेश जायसवाल, एबीपी न्यूज़ के अमितेश गुप्ता, ईटीवी भारत के अनुज शुक्ला तथा सी न्यूज़ के अंगद शर्मा समेत 23 पत्रकार शामिल थे।
नेपाल एसोसिएशन ऑफ टूर एंड ट्रैवल एजेंट्स (NATTA) लुम्बिनी के सहयोग से आयोजित इस भ्रमण के दौरान लुम्बिनी प्रेस क्लब के अध्यक्ष कमल रायमाझी ने बताया कि भारतीय पत्रकारों को नेपाल की ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन स्थलों से परिचित कराने का उद्देश्य दोनों देशों के बीच पर्यटन सहयोग को मजबूत करना है।
NATTA लुम्बिनी के अध्यक्ष चन्द्रबहादुर थापा ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल को उन स्थलों का भ्रमण कराया गया, जहां नेपाल ने अंग्रेजी सेना के खिलाफ ऐतिहासिक विजय हासिल की थी। पर्यटन व्यवसायी एवं इतिहासकार माधव नेपाल ने पाल्पा के नुवाकोट गढ़ी और मणिमुकुन्दसेन पार्क में कर्नल उजिर सिंह थापा की वीरगाथा का विस्तार से वर्णन किया। सीमित संसाधनों के बावजूद नेपाली सेना की ऐतिहासिक जीत की कहानी ने भारतीय पत्रकारों को प्रभावित किया। बुटवल स्थित जीतगढ़ी किले में उपमहानगरपालिका के मेयर खेलराज पाण्डेय ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और किले के ऐतिहासिक महत्व से अवगत कराया। पत्रकारों ने यहां ग्रेटर नेपाल का मानचित्र, युद्ध से जुड़े चित्र, शहीद पार्क तथा कर्नल उजिर सिंह थापा के शौर्य से जुड़े ऐतिहासिक साक्ष्यों का अवलोकन किया। इतिहास के अनुसार वर्ष 1816 में अंग्रेजी सेना ने बुटवल पर हमला किया था, लेकिन कर्नल उजिर सिंह थापा के नेतृत्व में नेपाली सेना ने उन्हें पराजित कर ऐतिहासिक विजय प्राप्त की थी। जीतगढ़ी किला आज भी नेपाल की वीरता और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक माना जाता है। कार्यक्रम में होटल एवं रेस्टोरेंट व्यवसायी संघ, पर्यटन परिषद लुम्बिनी, NATTA लुम्बिनी, लुम्बिनी प्रेस क्लब तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े अनेक पदाधिकारी और पत्रकार मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने भारत और नेपाल के बीच धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
आध्यात्मिक पर्यटन के लिए तैयार होगा विशेष पैकेज
नेपाल-भारत पर्यटन पत्रकार संवाद कार्यक्रम में बुटवल के मेयर खेलराज पाण्डेय ने कहा कि जिस प्रकार प्रयागराज करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, उसी तरह लुम्बिनी, मुक्तिनाथ, कालिगंडकी, रानीमहल, स्वर्गद्वारी, सिद्धबाबा, रेसुंगा और सुपा देउराली जैसे धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को जोड़कर भारतीय पर्यटकों के लिए आकर्षक एवं किफायती आध्यात्मिक पर्यटन पैकेज तैयार किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि बुटवल को मुक्तिनाथ यात्रा के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
रूपन्देही के पुलिस प्रमुख जनक शाही ने भारतीय पर्यटकों को नेपाल में सुरक्षित और निर्भय होकर यात्रा करने का भरोसा दिलाया। वहीं होटल हयात के संचालक समिति के अध्यक्ष चुन्नू प्रसाद पौडेल ने कहा कि लुम्बिनी क्षेत्र में भारतीय पर्यटकों के लिए उच्च स्तरीय होटल, आधुनिक सुविधाएं और विशेष आतिथ्य सेवाएं उपलब्ध हैं।
महराजगंज प्रेस क्लब के अध्यक्ष अमित त्रिपाठी ने कहा कि भारत में नेपाल के आध्यात्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार का प्रयास किया जाएगा, ताकि दोनों देशों के बीच पर्यटन और सांस्कृतिक संबंध और अधिक मजबूत हो सकें।
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