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Maharajganj kabhar live
निचलौल। दिल्ली के जंतर-मंतर पर बच्चों के साथ कथित बर्बरता एवं अमानवीय व्यवहार के विरोध में निचलौल में प्रस्तावित पदयात्रा को प्रशासन ने अनुमति देने से इंकार कर दिया है। कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक अधिवक्ता हर्ष कुमार, विनय पाण्डेय सहित अन्य लोगों ने 24 जुलाई को प्रशासन को प्रार्थना पत्र देकर 25 जुलाई को सुबह 11 बजे निचलौल में पदयात्रा निकालने की अनुमति मांगी थी। आवेदन पर रिपोर्ट देने के लिए थानाध्यक्ष निचलौल को निर्देशित किया गया था।
थानाध्यक्ष ने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया कि प्रस्तावित पदयात्रा के दौरान अराजक तत्वों के शामिल होने तथा शांति एवं कानून-व्यवस्था भंग होने की प्रबल संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया कि ऐसी स्थिति में पदयात्रा की अनुमति देना जनहित और कानून-व्यवस्था की दृष्टि से उचित नहीं होगा, इसलिए आवेदन का समर्थन नहीं किया जा सकता। ऐसे में थानाध्यक्ष की रिपोर्ट के आधार पर सक्षम अधिकारी ने 25 जुलाई को प्रस्तावित पदयात्रा की अनुमति निरस्त कर दी। आदेश में थानाध्यक्ष निचलौल को निर्देश दिया गया है कि वह आयोजकों को निर्णय से अवगत कराएं तथा क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना सुनिश्चित करें।


