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रिपोर्ट, इजहार अली सिद्दीकी
झुलनीपुर। भारत नेपाल बार्डर से सटे झुलनीपुर बीओपी के एसएसबी जवानों का सराहनीय एवं मानवीय पहल सोमवार को देखने को मिला। जानकारी के मुताबिक निचलौल वन रेंज के दर्जनिया जंगल की ओर से एक बारहसिंगा हिरण निकलकर आबादी क्षेत्र की तरफ आ गया था। जिसे कुत्तों ने हमला कर घायल कर दिया है।सूचना मिलते ही झुलनीपुर बीओपी के एसएसबी प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया।खोजबीन के दौरान टीम ने सीमा स्तंभ संख्या 501 से लगभग 1 किलोमीटर पूर्व, बम्बू झाड़ी पोस्ट के समीप नो मैन्स लैंड से करीब 25 मीटर भारत की ओर झाड़ियों में छिपे हुए एक घायल बारहसिंगा को देखा, जो अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहा था। जंगली कुत्तों के हमले से उसके पैरों व शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें के साथ ही खून बह रहा था। ऐसे में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसएसबी के प्रभारी एवं टीम ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए घायल बारहसिंगा को सुरक्षित रेस्क्यू कर अपने कब्जे में लिया। उसके बाद उसका इलाज करना शुरू कर दी। घटना की सूचना तुरंत वन विभाग निचलौल को दूरभाष के माध्यम से दी गई। वन विभाग की टीम के आने तक एसएसबी के जवानों द्वारा घायल बारहसिंगा की देखभाल एवं सुरक्षा सुनिश्चित की गई।
एसएसबी द्वारा किया गया यह सराहनीय कार्य न केवल वन्यजीव संरक्षण के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि मानवता एवं कर्तव्यनिष्ठा का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। स्थानीय लोगों ने भी एसएसबी के इस प्रयास की प्रशंसा की।

